उपभोक्ता जागरण एवं संरक्षण * उपभोक्ता :- जब व्यक्ति , वस्तुएँ एवं सेवाएँ अपने प्रयोग के लिए खरीदता है तो वह उपभोक्ता कहलाता है। ➤ उपभोक्ता बाजार व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है। ➤ महात्मा गाँधी…
वैश्वीकरण ⇒ वैश्वीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा विश्व की विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं का एकीकरण किया जाता है , ताकि सेवाओं , प्रौद्योगिकी , पूँजी और श्रम या मानवीय पूँजी का भी निर्…
रोजगार एवं सेवाएँ ⇒ सेवा क्षेत्र में रोजगार का महत्व काफी अधिक है। विश्व के प्रत्येक देश के सरकार का प्रथम प्रयास यह होता है है की वहाँ के उपलब्ध मानव संसाधन को उनकी दक्षता के आधार पर काम उपलब्…
हमारी वित्तीय संस्थाएँ ⇒हमारे रोजमर्रा के जीवन में जो साख अथवा ऋण की आवश्यकता होती है ,उसकी पूर्ति राज्य के वित्तीय संस्थानों के द्वारा संपन्न होती है। ➤वित्तीय संस्थाएँ या तो सरकार द्वारा स्…
मुद्रा ,बचत एवं साख ⇒आज का समस्त आर्थिक ढाँचा मुद्रा पर ही निर्भर है। वर्तमान युग में उत्पादन ,उपभोग ,विनिमय ,वितरण इत्यादि से सम्बंधित क्रियाएँ मुद्रा के द्वारा ही प्रभावित होती है। मार्शल न…
राज्य एवं राष्ट्र की आय आय :- जब कोई व्यक्ति किसी प्रकार का शारीरिक अथवा मानसिक कार्य करता है और उस कार्य के बदले में जो पारिश्रमिक मिलता है,उसे उस व्यक्ति की आय कहलाता है | जैसे की :- भूमि क…
अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास * अर्थव्यवस्था :- अर्थव्यवस्था एक ढांचा है,जिसके अन्तर्गत लोगो की आर्थिक क्रियाओं का अध्यन किया जाता है | (ब्राउन के अनुस…
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